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कहानी एक ठेकेदार की | Story of a contractor |

प्रार्थना ऐसे करनी चाहिए जैसे सबकुछ ईश्वर पर निर्भर है और काम ऐसे करना चाहिए जैसे सबकुछ हमपर निर्भर है,

     अपने काम का सम्मान कीजिए, तभी तो आपका काम आपको सम्मान दिलाएगा.....

नमस्कार दोस्तों आइए सुनाता हूं|

कहानी एक ठेकेदार की | Story of a contractor |


        एक बार की बात है एक ठेकेदार था जो अपने मालिक के लिए बहुत प्रिय और ईमानदार था उसको उसके मालिक अच्छा इंसान समझता था वो बहुत सालों से अपने मालिक के साथ काम करता था , क्योंकि वो काम ही वैसे करता था जिससे उसके मालिक का नाम होता था ।

   एक दिन अपने मालिक के पास गया और कहा कि मालिक मै इस काम को छोड़ने के बाद महीने की अंतिम तारीख को मिलने वाली सैलरी को बहुत मिस करूंगा लेकिन मालिक मै चाहता हूं कि अब अपने जिंदगी के कुछ पल अपने घर परिवार बच्चे के साथ गुजरना चाहता क्योंकि मेरे बच्चे परिवार का भी यही राय है, तो मै अपने काम से रिटायरमेंट लेना चाहता हूं।

उसके मालिक ये सुनकर बहुत दुख हुआ कि वो अपने एक अच्छे कर्मचारी को खो रहा है लेकिन क्या करे उसको रोक भी नहीं सकता था क्योंकि वो अच्छा करने जा रहा था अपने बच्चे परिवार के लिए अपनी जिंदगी के लिए ।

तो मालिक ने उससे एक आग्रह किया कि चलो ठीक है अगर तुम जाना चाहते हो चले जाना लेकिन उससे पहले आपको मेरा एक काम और करना होगा आखरी काम , तुम्हे मेरे लिए एक बंगला बनाना होगा जो मेरे सपनों का बंगला है जिसको मै सोच रखा था कि बनाऊंगा वो भी तुम्हारे हाथ से , फिर आप रिटारमेण्ट ले सकते हो... फिर ठेकेदार को उतना टाइम बिल्कुल ऐसा फिल हुआ जैसे आपको ऑफिस से छूटते टाइम आपका बॉस एक फाइल और दे दे और बोले कि बस यही बस और पुरा कर दो फिर चले जाना,,,,

तो ठेकेदार तो ना नहीं कह सकता था क्योंकि वो अपने मालिक के साथ बरसो से काम करते आया है, फिर ठेकेदार ने बड़े ही बेमन से बंगले बनाने का काम शुरू किया कोई मेटरियल और उसके काम करने का तरीका बिल्कुल बेमन था जैसे तैसे उसने काम पुरा किया बंगला तैयार हुआ फिर वह अपने मालिक के पास गया और कहा की मालिक आपका बंगला तैयार हो गया लीजिए उसका चाबी कर के अपने मालिक को चाबी सौं प दिया और कहा की अब मै जा सकता हूं,

तो उसके मालिक ने उसे कहा कि हां भई जा सकते हो लेकिन जाते जाते अपने जीवन भर की कमाई का इनाम तो लेते जाओ 
ये सुनकर ठेकेदार कहा क्या?  उसकी आंखो में चमक आ गई वो खुश हुआ तो मालिक ने कहा कि लाओ अपना हांथ आगे बढ़ाओ उसने अपना हाथ आगे बढाया तो उसके मालिक ने उसी बंगले की चाबी उसे सौंप दिया कि आज से ये चाबी तुम्हारा और बांग्ला भी तुम्हारा इनाम, और कहा कि मै ये बंगला तुम्हारे लिए ही बनवा रहा था ये तुम्हारा जीवन भर की कमाई की कीमत ईमानदारी की कीमत और तुमने जो मेरे साथ काम किया मेरा इस सहर में नाम दिया ये उसका इनाम है, 

ये सब सुनकर ठेकेदार बहुत सर्मिंदा हुआ बहुत ज्यादा की काश मैं इस काम को अपने तन मन धन से पूरा करता जितना कि मै पूरी सालो में लगाई थी.....

बस ऐसी ही कुछ खूबी हमारी लाईफ में भी होती है कि हम काम तो करते हैं लेकिन उसमें अपना पूरा मन दिल से नहीं करते तो हमे हमारा प्लेटफॉर्म संस्था हमे सपोर्ट तो देती है लेकिन इनाम नहीं देती क्या पता आपको लगता होगा कि हम जो काम कर रहे है उसका फायदा सिर्फ संस्था को होगा तो हम क्यू अपना मन से काम करे , तो ऐसा मत सोचो अच्छे से मेहनत करो दिल से मन से क्योंकि अापने जिस काम को चुना है वो दुनिया का no. 1 आसान सिस्टम है ,, तो मेरे दोस्त मै बस इतना ही कहूंगा की
हमारी संस्था आपको कुछ ऐसा इनाम देगा जो आपकी लाइफ बना देगी तो अपने काम को सम्मान दो आपको खुद ब खुद सम्मान मिलेगा

क्योंकि- आनंद लूट ले बन्दे प्रभु की बंदगी का, ना जाने कब छूट जाए साथ जिंदगी, इस दुनिया में सच बिकता है, झूठ बिकता है, बिकती है हर कहानी,तीनों लोक में फैला है, फिर भी बिकता है, बोतल में पानी । 

      Wish you best of luck your working
                                     धन्यवाद
आपका- SPONSER- DHRITESH KUMAR LANJHI
SPONSER KEY-558 
Watsapp-+919993530547

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HEMALATA

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By Admin


03 Comments

  • comments

    Nitiya, August 29, 2017

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    Fahim, August 29, 2017

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