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क्यों डरें जिंदगी में क्या होगा, कुछ ना होगा तो  तजुर्बा तो होगा.....

क्यों डरें जिंदगी में क्या होगा, कुछ ना होगा तो  तजुर्बा तो होगा.....
       
        नमस्कार दोस्तों,
एक बार की बात है एक व्यक्ति था जो रेगिस्तान से होते हुए अपने गांव जा रहा था उसको एकदम प्यास लग रही थी आस पास कोई पानी नहीं थी और ना ही कोई व्यक्ति और ना ही कोई घर जहां से वो पानी पी सके वह एकदम प्यास से तड़पने लगा फिर सोचता है की आगे तो होगा आगे बढ़ता हूं मेको जरूर मिलेगी पानी ऐसे सोचते सोचते धीरे धीरे बड़ी मुश्किल से चलते जा रहा था फिर थोड़ी दूर जाने के बाद अब उसको एक छोटी सी झोपडी दिखा जिसमें 
                          
            वो खूब खुश हुआ कि अब मेरे को पानी मिल सकता हैं मै जी सकता हूं ऐसा सोचते हुए और थोड़ी ताकत लगा के आगे बढ़ा ऐसे तैसे उस जगह पर पहुंचा उसके अंदर में एक नल था जिसको देख वह बहुत खुश हुआ फिर वो नल से पानी निकलने के लिए धीरे धीरे तेंडने लगा पानी आ ही नहीं रहा था और इधर उसकी तड़प और बढ़ते जा रहा था और ताकत कम होते जा रहा था वो पूरी कोशिश कर लिया फिर भी पानी नहीं निकला इसको देख वह थक कर बैठ गया और सोचता है कि आज मेरी जिंदगी यही खत्म हो जाएगा और मै मर जाऊंगा ऐसे सोचते हुए उसकी सिर उपर की ओर देखा तो उपर बॉटल में पनी भरा हुआ रखा था जिसको देख उसके उपर फिर से विश्वास जगा की मै अपना प्यास बुझा सकता हूं सोचते हुए उठा और बॉटल नीचे उतारा और देखा बॉटल के सांथ में एक नोट था जिसमें लिखा था,,

         की ये हैंडपंप से पानी निकलता है लेकिन उसके लिए हैंडपंप में पानी डालना होता है पानी को डालने के बाद पानी निकालो गे तो पानी जरूर आएगी और पानी आएगी तो आप भरपेट पानी पी लेना उसके बाद इस बॉटल में भी पानी भर कर यहां रख देना ताकि जैसे आप पानी के लिए तड़प रहे थे वैसे और कोई पानी के लिए ना तड़पे इसलिए किसी का जीवन भी भला हो सकता हैं....
                 ऐसा पढ़कर वह व्यक्ति जो प्यास के कारण मारने वाला था वो सोचता है की अगर पानी नहीं आया तो मै मर जाऊंगा और पानी आ जाता है तो मैं जिंदा यहां से जा सकता हूं लेकिन उसको डर था कि उस नोट में जो लिखा हुआ है वह झूठ तो नही कर के बहुत परेशान होने लगा, क्योंकि उसके पास एक ही ऑप्शन था जिसको कहते हैं मौत को चुनौती देना,,

   नोट- अगर आप उस व्यक्ति के जगह होते तो क्या करते ?

उस व्यक्ति ने सच्चे मन और दिल से सोचा और कहा 
- क्यों डरे जिंदगी में क्या होगा, कुछ ना होगा तो क्या हुआ आने वाले समय के लिए तजुर्बा तो होगा,,
               ऐसा सोचते हुए वह व्यक्ति उस बॉटल के पानी को नल कूप के अंदर डालता है और डालने के बाद पानी निकलने के लिए प्रयास करता है एक बार प्रयास किया पानी नहीं आया दूसरे बार किया पानी नहीं आया, फिर एक बार प्रयास किया पानी आने लगा जिसको देख उस व्यक्ति के पास ऐसी चमक मुस्कान आती हैं जिसकी कीमत उसको ही पता है, फिर वह व्यक्ति भरपेट पानी पिता है और उस बॉटल में भी पानी भर देता हैं और नोट में वह एक लाइन लिखता है कि, यकीन करो यह काम करता है,
      फिर वह व्यक्ति व हा से हंसी खुशी चलते हुए अपने घर की ओर चला गया लेकिन उसको इस तजुर्बा मिला कि जिंदगी में जिस चीज को हम यकीनन की नजरिया से देंखे तो वह जरूर होगा,
            दोस्तो मेरा कहने का तात्पर्य यह है कि आज हमारी जिंदगी में ऐसी ही कोई चुनौतियां, परेशानियां चैलेंजेस आती रहती हैं जिसकी वजह से हम अपने लाइफ को रोमांचक बेहतर बनाने में कामयाब नही हो पाते लेकिन अगर आप इस चुनौती परेशानी को हम डटकर सामना करने की कोशिश करते हैं और विश्वास करते हैं कि सबकुछ होगा लड़ सकते है जीत सकते है यही बस सोचते रहो और अपने टारगेट के लिए प्रयास करते रहे आपका टारगेट अवश्य पुरा होगा,,,
         आज बस इतना ही हम मिलेंगे आपसे अपनी अगली स्टोरी पर,
चलो अब कुछ अच्छा करते है........

                                        धन्यवाद  
DHRITESH KUMAR LANJHI   
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HEMALATA

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By Admin


03 Comments

  • comments

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